मंगलवार, 11 अप्रैल 2017

हमारा आदमी

शहर के चौराहे पे पहले एक ने रैड लाइट जंप की,
पीछे से 5-6 और लोगों ने भी की।


पुलिस ने पहले को छोड़कर सभी का चालान काटा।

तो बाकियों ने पूछा - इसे क्यों छोड दिया ?

इंस्पेक्टर बोला - यह हमारा आदमी है ये वापस जाएगा रैड लाइट जंप करेगा और तुम जैसे 4-5 को फिर फंसवाएगा
मार्च एंडिंग है टार्गेट पूरा करना है

बुधवार, 5 अप्रैल 2017

यही बोला था

Son : पापा, आपको स्कूल में टीचर ने मिलने के लिए बुलाया है।
Father: क्यों, क्या हुआ?
Son: Maths teacher ने पूछा 7x9 कितना होता है.?
मैंने बोला 63.
फिर उसने पूछा 9x7 कितना होता है ?

Father: बेवकूफ एक ही बात तो है.!
पागल समझा है क्या.?
Son: Exactly!
मैंने भी यही बोला था।
😂😂

NEXT DAY...
Son: पाप , आप टीचर से मिले क्या.?
Father: नहीं...
Son: टीचर से मत मिलना।
अब आपको Principal से मिलने को बोला है।
Father: क्यों, अब क्या हो गया.?
Son: PT teacher ने आज class में बोला सीधा हाथ ऊपर करो,
फिर बोला उल्टा हाथ ऊपर करो ,
अब दायां पैर ऊपर करो,
फिर बायां पैर ऊपर उठाओ...
Father: तो फिर खड़ा किस पर होगा ,
तेरी टांग पर...
Son: Exactly.!
मैंने भी यही बोला.😂😂

NEXT DAY...
Son: पापा,
आप Principal से मिलने गए थे क्या ?
Father: आज तो जा नहीं पाया..
Son: तो अब मत जाना.
मुझे एक हफ्ते के लिए suspend कर दिया है।
Father: अबे, अब ऐसा क्या कर दिया तूने ?
Son: मुझे Principal के office में बुलाया था...
वहां Maths Teacher,
PT Teacher
और
Hindi Teacher भी था।
Father: अब Hindi Teacher क्या वहां अपनी ऐसी तैसी कराने आया था.?
Son: Exactly!
मैंने भी तो यही पूछा था !

सोमवार, 3 अप्रैल 2017

पप्पी

कितने नादाँ थे हम

वो पप्पी मांगती रही


हम उसके लिये कुत्ते का पिल्ला ढूढ़ते रहे ।

शुक्रवार, 31 मार्च 2017

Credit Card Bill

सरदार को बैंक से sms मिला:
"Your credit card bill payments are outstanding"

सरदार ने reply किया :
"Thanks for the compliment"

मंगलवार, 29 नवंबर 2016

छोटी चीज़ें

छोटी चीज़ें अक्सर डरा देती हैं...
.


.
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आप पर्वत पर बैठ सकते हैं लेकिन सुई पर नहीं...

सोमवार, 28 नवंबर 2016

टोस्ट पर शहद

पत्नी - टोस्ट पर शहद लगा दूं आप खा लोगे ?

पति - नहीं , शहद मधुमक्खी के मुंह से निकलता है इसलिए मैं नहीं खा सकता ?

पत्नी - तो फिर अंडा बना दूं ☺

सोमवार, 4 जुलाई 2016

तावीज़

एक ख़ातून एक मौलवी साहब के पास गई, "मौलवी साहब! कोई ऐसा तावीज़ लिख दें कि मेरे बच्चे रात को भूक से रोया ना करें...।"

 मौलवी साहब ने तावीज़ लिख दिया...।

अगले ही रोज़ किसी ने पैसों से भरा थैला घर के सहन में फेंका, थैले से एक पर्चा निकला, जिस पर लिखा था, कोई कारोबार कर लें...।

इस बात पर अमल करते हुवे उस औरत के शौहर ने एक दुकान किराए पर ले ली, कारोबार में बरकत हुई, और दुकानें बढ़ती गईं...। पैसों की बारिश सी हो गई...।

पुराने संदूक़ में एक दिन औरत की नज़र तावीज़ पर पड़ी...। "न जाने मौलवी साहब ने ऐसा क्या लिखा था?" 

तजस्सुस में उसने तावीज़ खोल डाला...।
 

लिखा था कि:
"जब पैसों की तंगी ख़त्म हो जाये, तो सारा पैसा तिजोरी में छिपाने की बजाय कुछ पैसे ऐसे घर में डाल देना जहाँ से रात को बच्चों के रोने की आवाज़ें आती हों...।"